Tuesday, November 10, 2009

एक छोटी सी आशा ...

अगर तूफ़ान में जिद है ... वह रुकेगा नही तो मुझे भी रोकने का नशा चढा है ।
देख लेगे तुम्हारी जिद या मेरा नशा ... किसमे कितना ताकत है ।
तुम्हारी जिद से मेरा सितारा डूबने वाला नही । हम दमकते साए है ।
असर तो जरुर छोड़ेगे ।

.........ये गीत मुझे बेहद पसंद है ..... छोटी आशा ही सारे संसार में उजाला कर सकती है ।

1 comment:

Maria Mcclain said...

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